Union Budget 2026 Income Tax Changes: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में मध्यम वर्ग और वेतनभोगी करदाताओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। हालांकि इस साल टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन Income Tax Act, 2025 की शुरुआत और अनुपालन (Compliance) के नियमों में बड़े फेरबदल किए गए हैं।
यदि आप एक टैक्सपेयर हैं, तो आपको इन 10 बड़े बदलावों के बारे में जानना बेहद जरूरी है, जो आपकी जेब और टैक्स फाइलिंग के तरीके को पूरी तरह बदल देंगे।
बजट 2026: इनकम टैक्स में 10 बड़े बदलाव (Top 10 Highlights)
| बदलाव का विषय | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| नया कानून | Income Tax Act, 1961 की जगह Income Tax Act, 2025 लेगा। |
| गलत जानकारी पर जुर्माना | आय छिपाने या गलत जानकारी देने पर 200% पेनल्टी लगेगी। |
| Revised ITR डेडलाइन | संशोधित रिटर्न भरने की तारीख बढ़ाकर 31 मार्च की गई। |
| TCS में राहत | विदेशी टूर और पढ़ाई के लिए TCS को घटाकर 2% किया गया। |
| विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण | छोटे टैक्सपेयर्स के लिए 6 महीने की विशेष डिस्क्लोजर स्कीम। |
1. Income Tax Act, 2025 की शुरुआत
यह इस बजट का सबसे बड़ा सुधार है। 1 अप्रैल, 2026 से 60 साल पुराना 1961 का कानून खत्म हो जाएगा और नया आयकर अधिनियम, 2025 लागू होगा। इसका उद्देश्य टैक्स की भाषा को सरल बनाना और विवादों (Litigation) को कम करना है। अच्छी बात यह है कि टैक्स की दरें पहले जैसी ही रहेंगी।
अधिक जानकारी के लिए आप भारत सरकार के आधिकारिक Income Tax Portal पर जा सकते हैं।
2. आय छिपाने पर 200% तक भारी जुर्माना
बजट में पारदर्शी टैक्स प्रणाली पर जोर दिया गया है। यदि कोई टैक्सपेयर जानबूझकर अपनी आय को गलत तरीके से पेश करता है (Misreporting), तो उसे टैक्स राशि का 200% जुर्माना भरना होगा। हालांकि, अनजाने में हुई गलती (Underreporting) पर केवल 50% जुर्माना लगेगा।
3. Revised ITR फाइलिंग की तारीख बढ़ी
अब टैक्सपेयर्स को अपनी गलतियां सुधारने के लिए अधिक समय मिलेगा। संशोधित (Revised) इनकम टैक्स रिटर्न भरने की समय सीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। इसके लिए एक मामूली शुल्क (Nominal Fee) देना होगा।
4. विदेशी खर्चों पर TCS में बड़ी कटौती
विदेश यात्रा और पढ़ाई करने वालों के लिए बड़ी राहत दी गई है:
- विदेशी टूर पैकेज: TCS की दर 5%/20% से घटाकर 2% कर दी गई है।
- शिक्षा और चिकित्सा: LRS के तहत शिक्षा और इलाज के लिए विदेश भेजे जाने वाले पैसे पर TCS अब सिर्फ 2% लगेगा।
5. विदेशी संपत्ति के लिए ‘FAST-DS’ स्कीम
छात्रों, टेक प्रोफेशनल्स और NRI लोगों के लिए 6 महीने की Foreign Assets of Small Taxpayers – Disclosure Scheme (FAST-DS) शुरू की गई है। इसके तहत वे अपनी छोटी विदेशी संपत्तियों या बैंक खातों का खुलासा बिना किसी सख्त कार्रवाई के कर सकेंगे।
6. शेयर बाजार निवेशकों पर असर (STT Hike)
ट्रेडर्स के लिए बुरी खबर है। फ्यूचर्स (Futures) पर STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस (Options) पर इसे बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है। साथ ही, अब शेयर बायबैक (Buyback) से होने वाली आय पर ‘कैपिटल गेन’ के रूप में टैक्स लगेगा।
7. TDS और रिफंड के नए नियम
- देरी से फाइलिंग पर भी रिफंड: अब डेडलाइन खत्म होने के बाद ITR फाइल करने पर भी TDS रिफंड मिल सकेगा।
- MACT राहत: मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल द्वारा मिलने वाले ब्याज को टैक्स फ्री कर दिया गया है।
नए टैक्स स्लैब 2026 (New Tax Regime)
हालांकि स्लैब नहीं बदले हैं, लेकिन याद दिला दें कि नई व्यवस्था में ₹12 लाख तक की आय वाले कई लोग प्रभावी रूप से टैक्स फ्री हो सकते हैं (स्टैंडर्ड डिडक्शन और रिबेट के साथ):
- ₹0 – ₹4 लाख: शून्य
- ₹4 – ₹8 लाख: 5%
- ₹8 – ₹12 लाख: 10%
- ₹12 – ₹16 लाख: 15%
- ₹16 – ₹20 लाख: 20%
- ₹20 – ₹24 लाख: 25%
- ₹24 लाख से ऊपर: 30%
FAQ: Budget 2026 Income Tax Changes
प्रश्न 1: क्या बजट 2026 में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव हुआ है?
उत्तर: नहीं, बजट 2026 में पुरानी या नई टैक्स व्यवस्था (Old or New Tax Regime) के तहत टैक्स स्लैब या दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने मुख्य रूप से नियमों के सरलीकरण पर ध्यान दिया है।
प्रश्न 2: Income Tax Act, 2025 क्या है और यह कब से लागू होगा?
उत्तर: Income Tax Act, 2025 मौजूदा 1961 के आयकर कानून की जगह लेगा। यह नया कानून 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा, जिसका उद्देश्य टैक्स फाइलिंग को आसान बनाना और कानूनी विवादों को कम करना है।
प्रश्न 3: ITR में गलत जानकारी देने पर कितना जुर्माना लगेगा?
उत्तर: बजट 2026 के नए नियमों के अनुसार, यदि आय की गलत रिपोर्टिंग (Misreporting) पाई जाती है, तो कर योग्य राशि पर 200% तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। अनजाने में हुई गलती (Underreporting) पर 50% जुर्माना लगेगा।
प्रश्न 4: संशोधित रिटर्न (Revised ITR) फाइल करने की नई डेडलाइन क्या है?
उत्तर: अब टैक्सपेयर्स अपनी गलतियों को सुधारने के लिए 31 मार्च तक संशोधित रिटर्न (Revised ITR) फाइल कर सकते हैं। पहले यह समय सीमा 31 दिसंबर तक थी।
प्रश्न 5: क्या विदेश यात्रा या पढ़ाई के लिए TCS दरों में कोई राहत मिली है?
उत्तर: हाँ, विदेशी टूर पैकेज और शिक्षा/चिकित्सा उद्देश्यों के लिए LRS के तहत होने वाले खर्च पर TCS की दर को घटाकर 2% कर दिया गया है।
निष्कर्ष (Conclusion)
बजट 2026 टैक्स दरों में कटौती के बजाय सिस्टम की सफाई पर केंद्रित है। नया कानून और सरल ITR फॉर्म आम आदमी के लिए टैक्स फाइलिंग को आसान बनाएंगे, लेकिन गलत जानकारी देने वालों पर सख्ती भी बढ़ेगी।
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